mujh ko kahtaa hai muskuraane ko | मुझ को कहता है मुस्कुराने को

  - Jagjeewan Lal Asthana sahar
मुझकोकहताहैमुस्कुरानेको
जानेक्याहोगयाज़मानेको
मुझकोतूफ़ानक्याडुबोसकता
दिलहीचाहाथाडूबजानेको
अपनीहीदास्ताँसमझबैठी
सुनकेदुनियामिरेफ़सानेको
बज़्ममेंतेरीहमचलेआए
अज़-सर-ए-नौफ़रेबखानेको
हमझुकाकरजबीन-ए-शौक़अपनी
ख़ुदबुलालेंगेआस्तानेको
हमछिड़कतेरहेलहूअपना
आशियाँमेंबहारलानेको
तिरीयादोंनेरह-रवीकीहै
जबभीचाहातुझेभुलानेको
अश्कबनकरचराग़आतेहैं
मिरीपलकोंपेजगमगानेको
मैंसहरबनकेगयाहूँ'सहर'
दहरसतीरगीमिटानेको
  - Jagjeewan Lal Asthana sahar
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