kab hawa mut | कब हवा मुट्ठी में आती है अबस दौड़ा किया

  - Jafar Raza
कबहवामुट्ठीमेंआतीहैअबसदौड़ाकिया
जानेक्याक्याकलयूँँहीमैंरात-भरसोचाकिया
अबतोइसतर्क-ए-तअ'ल्लुक़मेंमुझेभीलुत्फ़है
जोकियातुमनेमिरीख़ातिरबहुतअच्छाकिया
जैसेवोभीफ़लसफ़ेकेनुक्ता-ए-पेचीदाहों
मेरीबातेंमेरेबदलेग़ैरसेसमझाकिया
फिरमुझेदरयाफ़्तकरनेकीउसेहसरतरही
वोमुझेदीमकलगेऔराक़मेंढूँढाकिया
ख़ूमेंचाहेतुंदहोदिलसेनिहायतनेकहै
भूलकरसबपिछलीबातेंमेरेपासआयाकिया
तिश्नगीमेरामुक़द्दरहैमुझेपानीसेक्या
जानताथाफिरभीख़ेमानहरपरबरपाकिया
कलवहीशबथीजोआतीहैनसीबोंसेमगर
औरसबसोतेरहेबसएकमैंजागाकिया
जबनईआवाज़उट्ठीक़त्लकरनेआएलोग
इकमदारीसाँपकासरमानकरकुचलाकिया
  - Jafar Raza
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