dil jo murda ho to ye rashk-e-jinaan kuchh bhi nahin | दिल जो मुर्दा हो तो ये रश्क-ए-जिनाँ कुछ भी नहीं

  - Jafar Raza
दिलजोमुर्दाहोतोयेरश्क-ए-जिनाँकुछभीनहीं
लालाहोसब्ज़ाहोयाआब-ए-रवाँकुछभीनहीं
येदहकतेहुएग़ुंचेयेसुलगतेहुएदिल
हरतरफ़सोज़-ए-दरूँहर्फ़-ए-ज़बाँकुछभीनहीं
प्यारेदामनसेजुदाहोगएमैंनेदेखा
हसरतेंबोलींमियाँउम्र-ए-रवाँकुछभीनहीं
लफ़्ज़-ओ-मा'नीमेंजोरिश्ताहैवोबुनियादीहै
सिर्फ़अल्फ़ाज़काइकसैल-ए-रवाँकुछभीनहीं
कर्दा-ना-कर्दागुनाहोंमेंकटीउम्र-ए-अज़ीज़
लोगकहतेहैंज़ियाँवर्नाज़ियाँकुछभीनहीं
बारिश-ए-संगहोशीशेकीकमीं-गाहोंसे
कैसेफ़रज़ानेहोशीशेकामकाँकुछभीनहीं
ख़्वाबसेख़्वाबमेंइकउम्रगिरफ़्ताररहा
अबखलाख़्वाबब-जुज़वहम-ओ-गुमाँकुछभीनहीं
  - Jafar Raza
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy