zaat ke gard faseelen hain riyaazat ma'aloom | ज़ात के गर्द फ़सीलें हैं रियाज़त मा'लूम

  - Jafar Raza
ज़ातकेगर्दफ़सीलेंहैंरियाज़तमा'लूम
सिर्फ़जन्नतकेलिएहैतोइबादतमा'लूम
येभीइकशान-ए-रहीमीहैतिरीइज़्ज़-ओ-जल
तोमंज़िलकीख़बरहैमसाफ़तमा'लूम
वोभीइकशख़्सहैसादासामगरपेचीदा
खुलीउसकीमोहब्बतअदावतमा'लूम
ज़ख़्म-ए-दिलहोगएख़ंदाँवोमुलाक़ातहुई
हैमुझेआपकाअंदाज़-ए-अयादतमा'लूम
वहीक़ातिलवहीमुंसिफ़वहीऐनीशाहिद
अद्लऔरआपकीमीज़ान-ए-अदालतमा'लूम
जाँचकाहुक्महक़ाएक़कीहैपर्दा-पोशी
उनकोपहलेसेहैंअस्बाब-ए-बग़ावतमा'लूम
ऐसे-वैसेहुएइसशहरमेंकैसेकैसे
अहल-ए-दस्तारकीहैहमकोनजाबतमा'लूम
ख़ून-ए-नाहक़सेहैंबुनियादेंभरीमहलोंकी
क़त्लहोतेथेजोहोतीथीसियादतमा'लूम
  - Jafar Raza
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