burii baat un ko hamaari lage | बुरी बात उन को हमारी लगे

  - Jafar Raza
बुरीबातउनकोहमारीलगे
हमेंउनकीहरबातप्यारीलगे
नएतर्ज़कीउनकीयारीलगे
करेंऐसीबातेंकटारीलगे
येझरनेयेलालायेसब्ज़ायेगुल
चमनमेंहरइकशयतुम्हारीलगे
येमजहूलसीदोस्तीक्याकरें
हमेंदुश्मनीदिलसेप्यारीलगे
कलीसाबदनहैकिमौज-ए-बहार
वोसरसेक़दमतककुँवारीलगे
येदिलकीअमानतबनेंतोसही
जोतीर-ए-सितमबारीबारीलगे
दिलोंमेंजोउतरेतोलहराएबर्क़
निगाह-ए-करमसेहर-कारीलगे
किसीख़ून-ए-नाहक़कीगुल-रेज़ियाँ
चमन-दर-चमनलाला-कारीलगे
ग़ज़लऐसीकहदीहैजाफ़र-'रज़ा'
रक़ीबाँकेदिलपरकटारीलगे
  - Jafar Raza
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