chaandni-raat men sandal sa bikharta saaya | चाँदनी-रात में संदल सा बिखरता साया

  - Jafar Raza
चाँदनी-रातमेंसंदलसाबिखरतासाया
एकआसेबकीसूरतनज़रआयासाया
सरपेसूरजहैमगरहश्रकामैदाननहीं
जानेक्यूँँराहमेंक़दमोंसेहैउलझासाया
फ़र्दकीज़ातमेंनादीदानज़ारेकीतरह
साएकेसाथटहलतानज़रआयासाया
येभीवारफ़्तगी-ए-शौक़मेंहोताहैगुमाँ
अभीआयाहैमिरेपासमहकतासाया
येवहीलोगहैंजोदिनमेंथेमेरेजैसे
शामकेवक़्तनज़रआतेहैंसायासाया
मुंजमिदरौशनीफूटीथीकिसीचादरसे
मैंनेकलअब्रसेछनताहुआदेखासाया
कलतकइससाया-ए-दीवारमेंदममिलताथा
ज़िंदगीलगतीहैअबएकखंडरकासाया
  - Jafar Raza
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy