ham apne-aap se karte rahe bayaañ tanhaa | हम अपने-आप से करते रहे बयाँ तन्हा

  - Jafar Raza
हमअपने-आपसेकरतेरहेबयाँतन्हा
तुम्हारीबज़्ममेंबैठेकहाँकहाँतन्हा
तग़य्युरातकेआसेबमेंवजूदमिरा
उजाड़बनमेंहोजैसेकोईमकाँतन्हा
येसोज़-ओ-साज़कापैकरयेहड्डियोंकानगर
जोआगपाएतोचटख़ेउठेधुआँ
कहींकिसीकीसियासतरंगलाईहो
भरेचमनमेंहैक्यूँँआजबाग़बाँतन्हा
येबार-ए-इश्क़जिसेआसमाँउठासका
उठाएफिरतारहाहूँमैंना-तवाँतन्हा
तुम्हारेआनेकीआहटतोकबसेसुनताहूँ
चलेभीआओमिरेपासमेहरबाँतन्हा
हमींहरीफ़रहेऔरहमींहलीफ़हुए
हमारेबा'दहुआमीर-ए-कारवाँतन्हा
वहीतोदुश्मन-ए-जाँहैउसीसेकैसेबचें
वोएकशख़्सजोआयाथाकलयहाँतन्हा
यहीज़मीनतमद्दुनकीराज़दाररही
यहीज़मीनउगलतीरहीधुआँतन्हा
  - Jafar Raza
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