ye mo'jiza bhi kisi ki dua ka lagta hai | ये मो'जिज़ा भी किसी की दु'आ का लगता है

  - Iftikhar Arif
येमो'जिज़ाभीकिसीकीदु'आकालगताहै
येशहरअबभीउसीबे-वफ़ाकालगताहै
येतेरेमेरेचराग़ोंकीज़िदजहाँसेचली
वहींकहींसेइलाक़ाहवाकालगताहै
दिलउनकेसाथमगरतेग़औरशख़्सकेसाथ
येसिलसिलाभीकुछअहल-ए-रियाकालगताहै
नईगिरहनएनाख़ुननएमिज़ाजकेक़र्ज़
मगरयेपेचबहुतइब्तिदाकालगताहै
कहाँमैंऔरकहाँफ़ैज़ान-ए-नग़्मा-ओ-आहंग
करिश्मासबदर-ओ-बस्त-ए-नवाकालगताहै
  - Iftikhar Arif
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