कोईमुज़्दानबशारतनदु'आचाहतीहै
रोज़इकताज़ाख़बरख़ल्क़-ए-ख़ुदाचाहतीहै
मौज-ए-ख़ूँसरसेगुज़रनीथीसोवोभीगुज़री
औरक्याकूचा-ए-क़ातिलकीहवाचाहतीहै
शहर-ए-बे-मेहरमेंलब-बस्ताग़ुलामोंकीक़तार
नएआईन-ए-असीरीकीबिनाचाहतीहै
कोईबोलेकेनबोलेक़दमउट्ठेंनउठें
वोजोइकदिलमेंहैदीवारउठाचाहतीहै
हमभीलब्बैककहेंऔरफ़सानाबनजाएँ
कोईआवाज़सर-ए-कोह-ए-निदाचाहतीहै
यहीलौथीकिउलझतीरहीहररातकेसाथ
अबकेख़ुदअपनीहवाओंमेंबुझाचाहतीहै
अहद-ए-आसूदगी-ए-जाँमेंभीथाजाँसेअज़ीज़
वोक़लमभीमिरेदुश्मनकीअनाचाहतीहै
बहर-ए-पामाली-ए-गुलआईहैऔरमौज-ए-ख़िज़ाँ
गुफ़्तुगूमेंरविश-ए-बाद-ए-सबाचाहतीहै
ख़ाककोहम-सर-ए-महताबकियारातकीरात
ख़ल्क़अबभीवहीनक़्श-ए-कफ़-ए-पाचाहतीहै