mizaaj-e-mustaqil dena shu'ur-e-mo'atabar dena | मिज़ाज-ए-मुस्तक़िल देना शुऊर-ए-मोअतबर देना

  - Gauhar Usmani
मिज़ाज-ए-मुस्तक़िलदेनाशुऊर-ए-मोअतबरदेना
झुकापाएजिसकोवक़्तकातूफ़ाँवोसरदेना
मुझेउम्र-ए-ख़िज़रदेनाकिउम्र-ए-मुख़्तसरदेना
मिरेअफ़्कारलेकिनज़िंदा-ए-जावेदकरदेना
जोउट्ठेसम्त-ए-माज़ीवोनज़रमेरानहींहासिल
पस-ए-दीवार-ए-मुस्तक़बिलजोदेखेवोनज़रदेना
मुजाहिदजंगकेमैदाँकोजाएजिसतरहघरसे
येमंज़रज़ेहनमेंरखकरमुझेइज़्न-ए-सफ़रदेना
अगरइसरज़्म-गाह-ए-दहरमेंजीनाहीहैमुझको
तोफिरइनयूरिशोंमेंज़िंदारहनेकाहुनरदेना
सिवाहोजाएजिससेअज़्मत-ए-दीदा-वरी'गौहर'
नज़रदेनातोयारबफिरमुझेऐसीनज़रदेना
  - Gauhar Usmani
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