badal raha hai zamaana to mere thenge se | बदल रहा है ज़माना तो मेरे ठेंगे से

  - Faizul Amin Faiz
बदलरहाहैज़मानातोमेरेठेंगेसे
हैमेरातौरपुरानातोमेरेठेंगेसे
जोचारपैसेहैंमुट्ठीमेंबसवोमेरेहैं
हैतेरेपासख़ज़ानातोमेरेठेंगेसे
कभीलकीरकाबनतानहींफ़क़ीरवोशख़्स
उसेमानोसियानातोमेरेठेंगेसे
मिरीकहानीहक़ीक़तपेमुनहसिरहैमगर
तुझेलगेहैफ़सानातोमेरेठेंगेसे
तिरीपसंदसेमिलतीनहींपसंदमिरी
यहीहैएकबहानातोमेरेठेंगेसे
अदूसेकरनाहैसाराहिसाबचुकता'फ़ैज़'
अगरवोजाएगाथानातोमेरेठेंगेसे
  - Faizul Amin Faiz
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