shaam-o-sehar yuñ chupke chupke rona kya | शाम-ओ-सहर यूँँ चुपके चुपके रोना क्या

  - Faizul Amin Faiz
शाम-ओ-सहरयूँँचुपकेचुपकेरोनाक्या
किसीकीख़ातिरइतनापागलहोनाक्या
होशगँवादेतेहैंतुमसेमिलकरलोग
करदेतेहोतुमभीजादू-टोनाक्या
प्यारवोशयहैजिसकाकोईमोलनहीं
उसकेआगेचाँदीक्याहैसोनाक्या
जबजीचाहातुमनेउसकोतोड़दिया
जबहीबोलोदिलथामेराखिलौनाक्या
'फ़ैज़'यतीम-ओ-बेकससेयेपूछोगे
माँकेआँचलकाहोताहैकोनाक्या
  - Faizul Amin Faiz
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