maali ko saazishon pe yuñ uksaa diya gaya | माली को साज़िशों पे यूँँ उकसा दिया गया

  - Faizul Amin Faiz
मालीकोसाज़िशोंपेयूँँउकसादियागया
कलियाँबनेंफूलयेसमझादियागया
सचबोलनेकीजिसनेजसारतकीदोस्तो
फाँसीपेएकदिनउसेलटकादियागया
मंज़िलमिरेनसीबमेंलिखदीगईमगर
पुर-पेचरास्तामुझेदिखलादियागया
ख़ुदकोसमझरहेहैंवहीलोगहोशियार
जिनकोख़िरदकीराहसेभटकादियागया
फिरमय-कदेमेंटूटगईतौबाशैख़की
जबमुफ़्तमेंशराबकाप्यालादियागया
बापूनेजोदियाथासबक़यादहैहमें
फिरज़हरक्यूँसमाजमेंफैलादियागया
महँगाई'फ़ैज़'छूनेलगीहैअबआसमान
दिल्लीकेतख़्तपरकिसेबैठादियागया
  - Faizul Amin Faiz
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