hansa tha do-ghadi barson magar aañsu bahaaya tha | हँसा था दो-घड़ी बरसों मगर आँसू बहाएा था

  - Faizul Amin Faiz
हँसाथादो-घड़ीबरसोंमगरआँसूबहाएाथा
मैंजबछोटाथाइकलड़कीसेमैंनेदिललगायाथा
मिरेपैरोंकेनीचेकीज़मींबंजरथीकुछइतनी
सबानेएकगुलकितनेज़मानेमेंखिलायाथा
सुलगतीधूपमेंसोचोसफ़रकैसेकटाहोगा
मिरीमंज़िलथीक्याऔरतुमनेक्यारस्तादिखायाथा
मोहब्बतआगहैऐसीजोपानीसेनहींबुझती
ज़मानेनेअबसशो'लेकोमुट्ठीमेंदबायाथा
मैंख़ुदमहसूसकरताहूँकिअबआज़ादहूँमैंभी
किपिंजराखोलकरमैंनेपरिंदोंकोउड़ायाथा
मिरेहाथोंपेसूखेफूलकीकुछपत्तियाँरखकर
बिछड़तेवक़्तउसनेमुझकोसीनेसेलगायाथा
  - Faizul Amin Faiz
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