ham kisi baat par nahin rote | हम किसी बात पर नहीं रोते

  - Faizul Amin Faiz
हमकिसीबातपरनहींरोते
अपनीऔक़ातपरनहींरोते
तुमअगरहोतेकर्बलावाले
जंगमेंमातपरनहींरोते
सुब्हकोशामकीनहींपर्वा
दिनभीअबरातपरनहींरोते
ज़िंदगीउनपेनाज़करतीहै
जोभीहालातपरनहींरोते
हिज्रकाजश्नहममनाएँक्या
सर्दजज़्बातपरनहींरोते
उनकादिलदिलनहींहैपत्थरहै
जोफ़सादातपरनहींरोते
  - Faizul Amin Faiz
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