qudrat ka sarsabz bichhauna achha lagta hai | क़ुदरत का सरसब्ज़ बिछौना अच्छा लगता है

  - Faizul Amin Faiz
क़ुदरतकासरसब्ज़बिछौनाअच्छालगताहै
खुलीफ़ज़ामेंघासपेसोनाअच्छालगताहै
शामढलेजबशाख़पेचिड़ियाँनग़्मेंगातीहैं
मुझकोतेरेसाथमेंहोनाअच्छालगताहै
हरएकचीज़जोअपनीजगहपरसजीसजाईहो
ख़ुदहीघरकाकोनाकोनाअच्छालगताहै
तुमक्याजानोरहरहकैसेपातेहैंमंज़िल
तुमकोतोबसख़्वाबसलोनाअच्छालगताहै
मेरेगाँवकेलोगभीकितनेभोले-भालेहैं
आजभीउनकोजादू-टोनाअच्छालगताहै
  - Faizul Amin Faiz
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