tasavvur men koi aaya sukoon-e-qalb-o-jaan ho kar | तसव्वुर में कोई आया सुकून-ए-क़ल्ब-ओ-जाँ हो कर

  - Faizi Nizam Puri
तसव्वुरमेंकोईआयासुकून-ए-क़ल्ब-ओ-जाँहोकर
मोहब्बतमुस्कुरातीहैबहार-ए-जावेदाँहोकर
चमनमेंजबकभीजाताहूँउनकीयादआतीहै
तमन्नाचुटकियाँलेतीहैपहलूमेंजवाँहोकर
दिल-ए-वहशत-असरकोहोशजबआयातोदेखाहै
हवाकेदोशपरउड़ताहैदामनधज्जियाँहोकर
सनोबरसाहैक़दनर्गिससीआँखेंफूलसाचेहरा
वोमेरेसामनेफिरतेहैंअक्सरगुलिस्ताँहोकर
शराब-ओ-शे'र-ओ-नग़्माकेसिवाक्याचाहिए'फ़ैज़ी'
बलासेज़िंदगीजाएमता-ए-राएगाँहोकर
  - Faizi Nizam Puri
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