suraahi muzmahil hai may ka piyaala thak chuka hai | सुराही मुज़्महिल है मय का पियाला थक चुका है

  - Faiz Khalilabadi
सुराहीमुज़्महिलहैमयकापियालाथकचुकाहै
दर-ए-साक़ीपेहरइकआनेवालाथकचुकाहै
अँधेरोआओकरतुमहीकुछआरामदेदो
किचलतेचलतेबेचाराउजालाथकचुकाहै
अदावतकीदरारेंवैसीकीवैसीहैंअबतक
वोभरतेभरतेउल्फ़तकामसालाथकचुकाहै
मुझेलूटाज़रूरतकीयहाँहरकंपनीने
मुसलसलकरतेकरतेदिलकिफ़ालतथकचुकाहै
सुख़नमेंकुछनएमजमूआ'लेकरआइएआप
पुरानीशाइ'रीसेहररिसालाथकचुकाहै
बता'फ़ैज़'आख़िरगाँवजाकरक्याकरेगा
तूजिसकेनामकीजपताथामालाथकचुकाहै
  - Faiz Khalilabadi
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