shaam se zid par arde hain | शाम से ज़िद पर अड़े हैं

  - Deepak Jain Deep
शामसेज़िदपरअड़ेहैं
ख़्वाबपलकोंपरखड़ेहैं
येशिकन-आलूदबिस्तर
नींदकेटुकड़ेपड़ेहैं
रातकीकालीरिदामें
क़ीमतीमोतीजड़ेहैं
रातभरपागलहवासे
घरकेदरवाज़ेलड़ेहैं
होसकेतोसरझुकाले
वक़्तकेतेवरकड़ेहैं
  - Deepak Jain Deep
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