पिछलीरातकीनर्मचाँदनीशबनमकीख़ुनकीसेरचाहै
यूँँकहनेकोउसकातबस्सुमबर्क़-सिफ़तहैशो'ला-नुमाहै
वक़्तकोमाह-ओ-सालकीज़ंजीरोंमेंजकड़करक्यापायाहै
वक़्ततोमाह-ओ-सालकीज़ंजीरोंमेंऔरभीतेज़बढ़ाहै
इकमा'सूमसेप्यारकातोहफ़ाघरकेआँगनमेंपायाथा
उसकोग़मकेपागल-पनमेंकोठेकोठेबाँटदियाहै
आँसूतारेरंगगुलाबसभीपरदेसचलेजातेहैं
आख़िरआख़िरतन्हाईहैकिसनेकिसकासाथदियाहै
नज़्मग़ज़लअफ़्सानागीतइकतरहहीग़मथाजिसकोहमने
कैसाकैसानामदियाहैकैसेकैसेबाँटलियाहै
आहोंकेबादलक्यूँँदिलमेंबिनबरसेहीलौटगएहैं
अबकेबरससावनकामहीनाकैसाप्यासाप्यासागयाहै
फूलसीहरतस्वीरमेंज़ेहनकीदीवारोंसेउतारचुकाहूँ
फिरभीदिलमेंकाँटासाक्यूँँरहरहकरचुभतारहताहै
मजबूरीथीसब्रकियाहैपाँवकोतोड़केबैठरहेहैं
नगरीनगरीदेखचुकेहैंद्वारेद्वारेझाँकलियाहै
मुझकोउनसच्चीबातोंसेअपनेझूटबहुतप्यारेहैं
जिनसच्चीबातोंसेअक्सरइंसानोंकाख़ूनबहाहै
'बद्र'तुम्हारीफ़िक्र-ए-सुख़नपरइकअल्लामाहँसकरबोले
वोलड़कानौ-उम्रपरिंदाऊँचाउड़नासीखरहाहै