qaateel hua KHamosh to talwaar bol u | क़ातिल हुआ ख़मोश तो तलवार बोल उठी

  - Bakhsh Layalpuri
क़ातिलहुआख़मोशतोतलवारबोलउठी
मक़्तलमेंख़ून-ए-गर्मकीहरधारबोलउठी
पूछासुबुकसरोंकानुमाइंदाकौनहै
सुनकरफ़क़ीह-ए-शहरकीदस्तारबोलउठी
अहल-ए-सितमकेख़ौफ़सेजोचुपथीवोज़बाँ
जबबोलनेपेआईसर-ए-दारबोलउठी
मेरीतबाहियोंकीहैइसमेंख़बरज़रूर
अज़ख़ुदहरएकसुर्ख़ी-ए-अख़बारबोलउठी
चेहराथाज़ख़्मज़ख़्मकोईपूछताथा
यूसुफ़बनेतोगर्मी-ए-बाज़ारबोलउठी
इकनाख़ुदाहीयूरिश-ए-तूफ़ाँपेचुपरहा
चप्पूकभीतोऔरकभीपतवारबोलउठी
कुछइसतरहसेनक़्शथेईंटोंपेसाँचेके
ज़िंदाँमेंमुझकोदेखकेदीवारबोलउठी
  - Bakhsh Layalpuri
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