banti nahin baat to phir baat kya karen | बनती नहीं बात तो फिर बात क्या करें

  - Bakhsh Layalpuri
बनतीनहींबाततोफिरबातक्याकरें
बिगड़ेहुएहैंशहरकेहालातक्याकरें
आतीनहींगिरफ़्तमेंसाँसोंकीडोरियाँ
हैंगर्दिश-ए-मुदाममेंदिन-रातक्याकरें
लफ़्ज़ोंकीएकफ़ौजहैअपनीकमानमें
मुँहमेंनहींज़बाँतोमक़ालातक्याकरें
टूटातअ'ल्लुक़ातकाहरएकसिलसिला
ठंडेपड़ेहैंवस्लकेजज़्बातक्याकरें
दोस्तचारा-साज़ी-ए-चारा-गराँपूछ
बद-तरहुएहैंऔरभीहालातक्याकरें
ऐश-ओ-तरबकीमहफ़िलेंउनकानसीबहैं
हमकोमिलेहैंदर्दकेनग़्मातक्याकरें
  - Bakhsh Layalpuri
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