hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
anupam shah
suljhaaoon teri zulf se haathon ki lakeeren
suljhaaoon teri zulf se haathon ki lakeeren | सुलझाऊँ तेरी ज़ुल्फ़ से हाथों की लकीरें
- anupam shah
सुलझाऊँ
तेरी
ज़ुल्फ़
से
हाथों
की
लकीरें
ये
काम
मगर
मुझ
सेे
अकेले
नहीं
होगा
- anupam shah
Download Sher Image
ईद
ख़ुशियों
का
दिन
सही
लेकिन
इक
उदासी
भी
साथ
लाती
है
ज़ख़्म
उभरते
हैं
जाने
कब
कब
के
जाने
किस
किस
की
याद
आती
है
Read Full
Farhat Ehsaas
Send
Download Image
57 Likes
हम
अपने
दुख
को
गाने
लग
गए
हैं
मगर
इस
में
ज़माने
लग
गए
हैं
Read Full
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
38 Likes
कुछ
ख़ुशियाँ
कुछ
आँसू
दे
कर
टाल
गया
जीवन
का
इक
और
सुनहरा
साल
गया
Unknown
Send
Download Image
24 Likes
सभी
के
साथ
दिखना
भी
मगर
सब
सेे
जुदा
रहना
भी
है
उसको
उदासी
साथ
भी
रखनी
है
और
तस्वीर
में
हँसना
भी
है
उसको
Kafeel Rana
Send
Download Image
61 Likes
हम
कुछ
ऐसे
उसके
आगे
अपनी
वफ़ा
रख
देते
हैं
बच्चे
जैसे
रेल
की
पटरी
पर
सिक्का
रख
देते
हैं
तस्वीर-ए-ग़म,
दिल
के
आँसू,
रंजो-नदामत,
तन्हाई
उसको
ख़त
लिखते
हैं
ख़त
में
हम
क्या
क्या
रख
देते
हैं
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
33 Likes
मुझ
ऐसा
शख़्स
अगर
क़हक़हों
से
भर
जाए
ये
साँस
लेती
उदासी
तो
घुट
के
मर
जाए
वो
मेरे
बाद
तरस
जाएगा
मोहब्बत
को
उसे
ये
कहना
अगर
हो
सके
तो
मर
जाए
Read Full
Rakib Mukhtar
Send
Download Image
76 Likes
दुख
तो
बहुत
मिले
हैं
मोहब्बत
नहीं
मिली
यानी
कि
जिस्म
मिल
गया
औरत
नहीं
मिली
मुझको
पिता
की
आँख
के
आँसू
तो
मिल
गए
मुझको
पिता
से
ज़ब्त
की
आदत
नहीं
मिली
Read Full
Abhishar Geeta Shukla
Send
Download Image
52 Likes
गर
कोई
मुझ
सेे
आकर
कहता,
यार
उदासी
है
मैं
उसको
गले
लगाकर
कहता,
यार
उदासी
है
होता
दरवेश
अगर
मैं
तो
फिर
सारी
दो-पहरी
गलियों
में
सदा
लगाकर
कहता,
यार
उदासी
है
Read Full
Siddharth Saaz
Send
Download Image
43 Likes
हँसते
हँसते
निकल
पड़े
आँसू
रोते
रोते
कभी
हँसी
आई
Anwar Taban
Send
Download Image
34 Likes
वक़्त,
वफ़ा,
हक़,
आँसू,
शिकवे
जाने
क्या
क्या
माँग
रहे
थे
एक
सहूलत
के
रिश्ते
से
हम
ही
ज़्यादा
माँग
रहे
थे
उसकी
आँखें
उसकी
बातें
उसके
लब
वो
चेहरा
उसका
हम
उसकी
हर
एक
अदास
अपना
हिस्सा
माँग
रहे
थे
Read Full
Shikha Pachouly
Send
Download Image
37 Likes
Read More
किसी
पत्थर
की
बस्ती
में
वो
लम्हा
छुप
के
बैठा
है
अभी
तो
कुछ
बरस
लग
जाएँगे
दीवार
ढहने
में
anupam shah
Send
Download Image
3 Likes
बिछड़कर
आपसे
मैं
क्या
करूँँगा
करूँँगा
जो
भी
मैं
अच्छा
करूँँगा
मोहब्बत
दूसरी
हो
तुम
मिरी
पर
मैं
तुम
सेे
इश्क़
पहला
सा
करूँँगा
Read Full
anupam shah
Send
Download Image
20 Likes
कहानी
नई
रोज़
लिखकर
मिटानी
न
आसान
है
ये
मेरी
ज़िंदगानी
ज़रा
सोचकर
इश्क़
करना
यहाँ
तुम
रिवायत
पड़ेगी
ये
तुमको
निभानी
ये
नाज़ुक
ग़ज़ल
और
शराफ़त
के
क़िस्से
किसी
की
हैं
बातें
किसी
की
कहानी
कई
रोज़
के
बाद
उन
सेे
मिले
जब
न
मुँह
से
निकाली
वो
बातें
पुरानी
करो
याद
मौसम
ज़रा
वो
पुराना
वो
भीगे
बदन
पे
पिघलता
सा
पानी
Read Full
anupam shah
Download Image
2 Likes
तन्हा
जीते
जी
मर
जाना
पड़ता
है
ऐसे
ही
क्या
प्यार
निभाना
पड़ता
है
जिसके
बिना
नहीं
ये
दिल
मेरा
लगता
उसके
घर
तो
आना
जाना
पड़ता
है
मय-ख़ाने
से
पीकर
हम
घर
को
निकले
रस्ते
में
भी
इक
मयखाना
पड़ता
है
कह
देना
कि
इश्क़
है
आसाँ
काम
नहीं
कहने
में
थोड़ा
हकलाना
पड़ता
है
जब
आँखों
से
राज
कोई
पढ़
लेता
है
अपने
ही
सच
को
झुठलाना
पड़ता
है
Read Full
anupam shah
Download Image
7 Likes
हसीं
कुछ
ख़्वाब
आँखों
को
कभी
सस्ते
नहीं
मिलते
कभी
मंज़िल
नहीं
मिलती
कभी
रस्ते
नहीं
मिलते
anupam shah
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Khoon Shayari
Revenge Shayari
Anjam Shayari
Basant Shayari
Aansoo Shayari