hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
anupam shah
kisi patthar ki bastii men vo lamha chhup ke baitha hai
kisi patthar ki bastii men vo lamha chhup ke baitha hai | किसी पत्थर की बस्ती में वो लम्हा छुप के बैठा है
- anupam shah
किसी
पत्थर
की
बस्ती
में
वो
लम्हा
छुप
के
बैठा
है
अभी
तो
कुछ
बरस
लग
जाएँगे
दीवार
ढहने
में
- anupam shah
Download Sher Image
चैन
की
बाँसुरी
बजाइये
आप
शहर
जलता
है
और
गाइये
आप
हैं
तटस्थ
या
कि
आप
नीरो
हैं
असली
सूरत
ज़रा
दिखाइये
आप
Read Full
Gorakh Pandey
Send
Download Image
23 Likes
किन
नींदों
अब
तू
सोती
है
ऐ
चश्म-ए-गिर्या-नाक
मिज़्गाँ
तो
खोल
शहर
को
सैलाब
ले
गया
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
23 Likes
आदत
सी
बना
ली
है
तुमने
तो
'मुनीर'
अपनी
जिस
शहर
में
भी
रहना
उकताए
हुए
रहना
Muneer Niyazi
Send
Download Image
32 Likes
हमने
पर्चे
आँसुओं
से
भर
दिए
और
तुमने
इतने
कम
नंबर
दिए
ऊंचे
नीचे
घर
थे
बस्ती
में
बहुत
जलजले
ने
सब
बराबर
कर
दिए
Read Full
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
90 Likes
दिल
की
बस्ती
पुरानी
दिल्ली
है
जो
भी
गुज़रा
है
उसने
लूटा
है
Bashir Badr
Send
Download Image
32 Likes
एक
से
एक
जुनूँ
का
मारा
इस
बस्ती
में
रहता
है
एक
हमीं
हुशियार
थे
यारो
एक
हमीं
बद-नाम
हुए
Ibn E Insha
Send
Download Image
17 Likes
सुना
है
लोग
उसे
आँख
भर
के
देखते
हैं
सो
उस
के
शहर
में
कुछ
दिन
ठहर
के
देखते
हैं
Ahmad Faraz
Send
Download Image
72 Likes
मुझ
को
कहानियाँ
न
सुना
शहर
को
बचा
बातों
से
मेरा
दिल
न
लुभा
शहर
को
बचा
Taimur Hasan
Send
Download Image
14 Likes
किस
ने
हमारे
शहर
पे
मारी
है
रौशनी
हर
इक
मकाँ
के
ज़ख़्म
से
जारी
है
रौशनी
Nomaan Shauque
Send
Download Image
28 Likes
रोज़
बस्ते
हैं
कई
शहर
नए
रोज़
धरती
में
समा
जाते
हैं
Kaifi Azmi
Send
Download Image
29 Likes
Read More
ता'उम्र
वही
राज़
छुपाते
ही
रहे
हम
ता'उम्र
निगाहों
से
छलकता
ही
रहा
जो
anupam shah
Send
Download Image
6 Likes
शराबों
से
ख़ुमारी
आ
रही
है
नशा
तेरा
उतरता
जा
रहा
है
anupam shah
Send
Download Image
2 Likes
चाह
ली
आज
रौशनी
मैंने
एक
बेफ़िक्र
ज़िन्दगी
मैंने
बाम
पर
फिर
दिया
जलाया
है
आपकी
राह
फिर
तकी
मैंने
Read Full
anupam shah
Send
Download Image
3 Likes
कुछ
तो
थी
बात
मुहब्बत
में
तेरी
शाहजहाँ
ताज
अब
कौन
बनाता
है
बिछड़ने
पे
यहॉं
anupam shah
Send
Download Image
4 Likes
तुम्हारी
उँगलियों
पर
यार
ये
पत्थर
नहीं
जँचते
मिरी
मानो
किसी
'आशिक़
को
उँगली
पर
नचाओ
तुम
anupam shah
Send
Download Image
7 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Zulf Shayari
Cigarette Shayari
Aag Shayari
Maikashi Shayari
Rahbar Shayari