tanhaa jeete jee mar j | तन्हा जीते जी मर जाना पड़ता है

  - anupam shah
तन्हाजीतेजीमरजानापड़ताहै
ऐसेहीक्याप्यारनिभानापड़ताहै
जिसकेबिनानहींयेदिलमेरालगता
उसकेघरतोआनाजानापड़ताहै
मय-ख़ानेसेपीकरहमघरकोनिकले
रस्तेमेंभीइकमयखानापड़ताहै
कहदेनाकिइश्क़हैआसाँकामनहीं
कहनेमेंथोड़ाहकलानापड़ताहै
जबआँखोंसेराजकोईपढ़लेताहै
अपनेहीसचकोझुठलानापड़ताहै
  - anupam shah
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