hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ambar
karna jo tha vo kar nahin paaya
karna jo tha vo kar nahin paaya | करना जो था वो कर नहीं पाया
- Ambar
करना
जो
था
वो
कर
नहीं
पाया
मैं
तो
मर
के
भी
मर
नहीं
पाया
आज
भी
उसको
याद
करता
हूँ
क्यूँ
मैं
अब
तक
सुधर
नहीं
पाया
जो
तमन्ना
उगाई
थी
हमने
बस
वही
इक
शजर
नहीं
पाया
ख़ाक
छानी
ज़माने
की
लेकिन
एक
तेरा
ही
दर
नहीं
पाया
वो
बुरा
लाख
था
मगर
वो
शख़्स
दिल
से
मेरे
उतर
नहीं
पाया
- Ambar
Download Ghazal Image
ख़मोशी
तो
यही
बतला
रही
है
उदासी
रास
मुझको
आ
रही
है
मुझे
जिन
ग़लतियों
से
सीखना
था
वही
फिर
ज़िंदगी
दोहरा
रही
है
Read Full
Vishal Singh Tabish
Send
Download Image
62 Likes
इस
ख़ौफ़
में
कि
ख़ुद
न
भटक
जाएँ
राह
में
भटके
हुओं
को
राह
दिखाता
नहीं
कोई
Anwar Taban
Send
Download Image
25 Likes
ये
जो
दीवार
अँधेरों
ने
उठा
रक्खी
है
मेरा
मक़्सद
इसी
दीवार
में
दर
करना
है
Azm Shakri
Send
Download Image
23 Likes
अज़ल
से
ले
कर
के
आज
तक
मैं
कभी
भी
तन्हा
नहीं
रहा
हूँ
कभी
थे
तुम
तो,
कभी
थी
दुनिया,
कभी
ये
ग़ज़लें,
कभी
उदासी
Ankit Maurya
Send
Download Image
41 Likes
शहर
गुम-सुम
रास्ते
सुनसान
घर
ख़ामोश
हैं
क्या
बला
उतरी
है
क्यूँँ
दीवार-ओ-दर
ख़ामोश
हैं
Azhar Naqvi
Send
Download Image
23 Likes
मेरे
ही
संग-ओ-ख़िश्त
से
तामीर-ए-बाम-ओ-दर
मेरे
ही
घर
को
शहर
में
शामिल
कहा
न
जाए
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
22 Likes
और
हुआ
भी
ठीक
वो
ही
जिसका
डर
था
बोझ
इतना
रख
दिया
था
बुलबुले
पर
Siddharth Saaz
Send
Download Image
14 Likes
तन्हाई
ये
तंज
करे
है
तन्हा
क्यूँ
है
यार
कहाँ
है
आगे
पीछे
चलने
वाले
Vishal Singh Tabish
Send
Download Image
61 Likes
ज़िंदगी
भर
वो
उदासी
के
लिए
काफ़ी
है
एक
तस्वीर
जो
हँसते
हुए
खिंचवाई
थी
Yasir Khan
Send
Download Image
75 Likes
आँख
की
बेबसी
दिल
का
डर
देखना
तुम
किसी
दिन
ग़रीबों
का
घर
देखना
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
8 Likes
Read More
बेगाने
सा
पेश
आते
हो
फिर
कहते
हो
प्यार
बहुत
है
Ambar
Send
Download Image
0 Likes
मरने
का
बस
आदी
है
प्यार
फ़क़त
बर्बादी
है
उसने
ख़त
में
लिक्खा
है
कल
को
मेरी
शादी
है
कितनी
भी
कोशिश
कर
लूँ
मिलती
नहीं
आज़ादी
है
दिल
तो
बस
मेरा
टूटा
गुमसुम
क्यूँँ
ये
वादी
है
सामने
सबके
रो
न
सकूँ
कैसी
मुझको
सज़ा
दी
है
अंबर
अपनी
क़िस्मत
में
तूने
लिखी
बर्बादी
है
Read Full
Ambar
Download Image
2 Likes
तुझ
को
दिल
में
बसा
के
रक्खा
है
दूरियों
को
मिटा
के
रक्खा
है
जब
सुना
चाँद
आने
वाला
है
दीप
घर
का
बुझा
के
रक्खा
है
जाल
उसने
बिछा
के
रक्खा
है
रुख़
से
सब
को
लुभा
के
रक्खा
है
जब
गया
तू
मुझे
अकेला
छोड़
तब
से
दिल
को
दुखा
के
रक्खा
है
क्या
हुआ
है
तुझे
मोहब्बत
में
हाल
कैसा
बना
के
रक्खा
है
हाँ
या
ना
में
जवाब
दे
दे
अब
ख़ामख़ा
ही
फँसा
के
रक्खा
है
हाल
भी
तो
बता
दे
अपना
तू
मैं
बिज़ी
हूँ
बता
के
रक्खा
है
मानता
क्यूँँ
नहीं
तू
मेरी
बात
काहे
इतना
सता
के
रक्खा
है
Read Full
Ambar
Download Image
1 Like
दर्द
फिर
से
है
उगा
सिगरेट
ला
मन
बड़ा
विचलित
हुआ
सिगरेट
ला
दो
पहर
तो
कट
गए
आराम
से
सांझ
आई
दिन
ढला
सिगरेट
ला
क्या
हुआ
क्यूँँ
और
कैसे
छोड़
सब
दुखती
रग
को
मत
दबा
सिगरेट
ला
मेरी
जीवन
की
लड़ी
से
इस
ही
पल
हो
न
जाए
हादसा
सिगरेट
ला
साँस
लेना
चाहता
हूँ
चैन
की
मुझको
जीता
जागता
सिगरेट
ला
रूह
को
ठंडक
दिलाने
के
लिए
है
वही
इक
आसरा
सिगरेट
ला
Read Full
Ambar
Download Image
0 Likes
मैंने
जब
से
अपना
होश
सँभाला
है
दुख
रंजिश
तकलीफ़
में
ख़ुद
को
पाला
है
Ambar
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Taj Mahal Shayari
Hindustan Shayari
Taareef Shayari
Romantic Shayari
Friendship Shayari