marne ka bas aa | मरने का बस आदी है

  - Ambar
मरनेकाबसआदीहै
प्यारफ़क़तबर्बादीहै
उसनेख़तमेंलिक्खाहै
कलकोमेरीशादीहै
कितनीभीकोशिशकरलूँ
मिलतीनहींआज़ादीहै
दिलतोबसमेराटूटा
गुमसुमक्यूँँयेवादीहै
सामनेसबकेरोसकूँ
कैसीमुझकोसज़ादीहै
अंबरअपनीक़िस्मतमें
तूनेलिखीबर्बादीहै
  - Ambar
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