tujh ko dil men basa ke rakha hai | तुझ को दिल में बसा के रक्खा है

  - Ambar
तुझकोदिलमेंबसाकेरक्खाहै
दूरियोंकोमिटाकेरक्खाहै
जबसुनाचाँदआनेवालाहै
दीपघरकाबुझाकेरक्खाहै
जालउसनेबिछाकेरक्खाहै
रुख़सेसबकोलुभाकेरक्खाहै
जबगयातूमुझेअकेलाछोड़
तबसेदिलकोदुखाकेरक्खाहै
क्याहुआहैतुझेमोहब्बतमें
हालकैसाबनाकेरक्खाहै
हाँयानामेंजवाबदेदेअब
ख़ामख़ाहीफँसाकेरक्खाहै
हालभीतोबतादेअपनातू
मैंबिज़ीहूँबताकेरक्खाहै
मानताक्यूँँनहींतूमेरीबात
काहेइतनासताकेरक्खाहै
  - Ambar
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