nibhaane puraani rifaqat ki KHaatir | निभाने पुरानी रिफ़ाक़त की ख़ातिर

  - Ambar
निभानेपुरानीरिफ़ाक़तकीख़ातिर
वोआएहैंमिलनेअयादतकीख़ातिर
रहोमिलतेजुलतेयूँँमुखतोमोड़ो
नहींदोस्तीतोअदावतकीख़ातिर
तुमआएहोदुनियामेंक्यूँँ?मैंबताऊँ?
मेरेदिलपेकरनेहुकूमतकीख़ातिर
बड़ाहीअहमहैबुज़ुर्गोंकाहोना
रहेंवोसलामतरिवायतकीख़ातिर
यूँँबैठेसे'अंबर'होवेगुज़ारा
भटकताबशरहैतिजारतकीख़ातिर
  - Ambar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy