mujh ko auron se koi shikwa nahin | मुझ को औरों से कोई शिकवा नहीं

  - Alqama Shibli
मुझकोऔरोंसेकोईशिकवानहीं
मैंनेभीतोख़ुदकोपहचानानहीं
सरपेपहुँचाहैसूरजकर्बका
साथअपनेसायाभीअपनानहीं
शौक़-ए-मंज़िलहीहैमेराख़िज़्र-ए-राह
नक़्श-ए-पाहरमोड़परमिलतानहीं
होगयाख़ून-ए-हयातअबयूँँसफ़ेद
जैसेमेराइससेकुछरिश्तानहीं
हैख़याल-ए-ख़ामवोमैंनेजिसे
पैरहनअल्फ़ाज़काबख़्शानहीं
अबहैचेहरोंपरनक़ाब-ए-मस्लहत
कोईचेहरादिलकाआईनानहीं
क्यूँँहोशो'ला-ब-दामनज़िंदगी
किसतरफ़अबआगकादरियानहीं
फूलकीइकपंखुड़ीकहिएउसे
ज़िंदगीइकबर्ग-ए-आवारानहीं
ज़ेहन-ए-'शिबली'मेंहैउसकीगूँजभी
वक़्तकेहोंटोंपेजोनग़्मानहीं
  - Alqama Shibli
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