पीलीतोकुछपतानचलावोसुरूरथा
वोउसकासायाथाकिवहीरश्क-ए-हूरथा
कलमैंनेउसकोदेखातोदेखानहींगया
मुझसेबिछड़केवोभीबहुतग़मसेचूरथा
रोयाथाकौनकौनमुझेकुछख़बरनहीं
मैंउसघड़ीवतनसेकईमीलदूरथा
शाम-ए-फ़िराक़आईतोदिलडूबनेलगा
हमकोभीअपनेआपपेकितनाग़ुरूरथा
चेहराथायासदाथीकिसीभूलीयादकी
आँखेंथींउसकीयारोकिदरिया-ए-नूरथा
निकलाजोचाँदआईमहकतेज़सी'मुनीर'
मेरेसिवाभीबाग़मेंकोईज़रूरथा