जोमक़्सदगिर्या-ए-पैहमकाहैवोहमसमझतेहैं
मगरजिनकोसमझनाचाहिएथाकमसमझतेहैं
ज़रामेरेजुनूँकीकाविश-ए-तामीरतोदेखें
जोबज़्म-ए-ज़िंदगीकोदरहमओबरहमसमझतेहैं
उनआँखोंमेंनहींनश्तरख़ुदअपनेदिलमेंपिन्हाँहै
अबइतनीबाततोकुछहमभीऐहमदमसमझतेहैं
येउनकीमेहरबानीहैयेउनकीइज़्ज़त-अफ़ज़ाई
किमेरेज़ख़्मकोवोलाइक़-ए-मरहमसमझतेहैं
हमअहल-ए-दिलनेमेयार-ए-मोहब्बतभीबदलडाले
जोग़महरफ़र्दकाग़महैउसीकोग़मसमझतेहैं
झिजकतेसेक़दमबहकीसीनज़रेंरुकतीसीबातें
येअंदाज़-ए-तजाहुलवोहैजिसकोहमसमझतेहैं
सुलूक-ए-दोस्तभीहैइकइशारातेज़-गामीका
हमअहल-ए-कारवाँआँचलकोभीपरचमसमझतेहैं
हटोअहल-ए-ख़िरदअहल-ए-जुनूँकोजानेदोआगे
वहीकुछराह-ए-हस्तीकेयेपेचओख़मसमझतेहैं
पलकसेइसतरहटपकाकिगोयाइककलीचटकी
हमअहल-ए-दर्दअश्क-ए-ग़मकोभीशबनमसमझतेहैं
ख़ुलूस-ए-ज़ाहिरीरोज़ानाइकमहफ़िलसजाताहै
समझतेवोभीहैंलेकिनअभीकमकमसमझतेहैं