tere halke se tabassum ka ishaara bhi to ho | तेरे हल्के से तबस्सुम का इशारा भी तो हो

  - Ali Jawwad Zaidi
तेरेहल्केसेतबस्सुमकाइशाराभीतोहो
तासर-ए-दारपहुँचनेकासहाराभीतोहो
शिकवातंज़सेभीकामनिकलजातेहैं
ग़ैरत-ए-इश्क़कोलेकिनयेगवाराभीतोहो
मय-कशोंमेंसहीतिश्ना-लबोंमेंहीसही
कोईगोशातिरीमहफ़िलमेंहमाराभीतोहो
किसतरफ़मोड़देंटूटीहुईकश्तीअपनी
ऐसेतूफ़ाँमेंकहींकोईकिनाराभीतोहो
हैग़म-ए-इश्क़मेंइकलज़्ज़त-ए-जावेदमगर
इसग़म-ए-दहरसदिलकोईचाराभीतोहो
मय-कदेभरपेतिराहक़हैमगरपीर-ए-मुग़ाँ
इककिसीचीज़पेरिंदोंकाइजाराभीतोहो
अश्क-ए-ख़ूनींसेजोसींचेथेबयाबाँहमने
उनमेंअबलालानस्रींकानज़ाराभीतोहो
जामउबलपड़तेहैंमयलुटतीहैख़ुमटूटतेहैं
निगह-ए-नाज़कादर-पर्दाइशाराभीतोहो
पीतोलूँआँखोंमेंउमडेहुएआँसूलेकिन
दिलपेक़ाबूभीतोहोज़ब्तकायाराभीतोहो
आपइसवादी-ए-वीराँमेंकहाँपहुँचे
मैंगुनहगारमगरमैंनेपुकाराभीतोहो
  - Ali Jawwad Zaidi
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