ख़ला-ए-फ़िक्रकाएहसासअर्ज़-ए-फ़नसेमिला
बरहनगीमेंनयालुत्फ़पैरहनसेमिला
क़दमक़दमपेउगेज़ख़्म-ए-आरज़ूभीहज़ार
हज़ाररंग-ए-तमाशाभीइसचमनसेमिला
बढ़ाकेहाथकहींउलझनेंहीछीननलें
वोजामभीजोमुझेशाम-ए-अंजुमनसेमिला
सहरकोबे-खिलीकलियोंमेंढूँढतीहैकिरन
जोलुत्फ़-ए-जल्वालजाईहुईदुल्हनसेमिला
उसीकेसोगमेंबैठाहुआहूँमुद्दतसे
जोएकज़ख़्मरफ़ीक़ान-ए-हम-वतनसेमिला
गुरूर-ए-ख़ुश-नज़रीनाज़िश-ए-अक़ीदा-ओ-रंग
हज़ाररोगउसीज़ोम-ए-मा-ओ-मनसेमिला
हुजूम-ए-यासमेंतहज़ीब-ए-नफ़्सकाआहंग
तिरीहीनर्म-ख़िरामीकेबाँकपनसेमिला
वोहौसलाजोनईराहकीतलाशमेंहै
गलीगलीमेंभटकतीहुईकिरनसेमिला
हरएकहालमेंजीनेकाजगमगानेकाशौक़
अँधेरीशबमेंसितारोंकीअंजुमनसेमिला
इशाराफ़िक्रकोमहमेज़हश्र-परवरका
ख़तामुआ'फ़होतेरेहीबाँकपनसेमिला
अबइसशुऊ'रकोमहसूर-ए-ज़ातकैसेकरूँँ
शुऊ'रज़ातकि'ज़ैदी'बड़ेजतनसेमिला