tire dayaar men koi gham-aashna to nahin | तिरे दयार में कोई ग़म-आश्ना तो नहीं

  - Ali Jawwad Zaidi
तिरेदयारमेंकोईग़म-आश्नातोनहीं
मगरवहाँकेसिवाऔररास्तातोनहीं
सिमटकेगईदुनियाक़रीब-ए-मय-ख़ाना
कोईबताओयहीख़ाना-ए-ख़ुदातोनहीं
लबोंपरआजतबस्सुमकीमौजमचलीहै
कोईमुझेकिसीगोशेसेदेखतातोनहीं
बनालेंराहइसीख़ार-ज़ारसेहोकर
जुनून-ए-शौक़कायेफ़ैसलाबुरातोनहीं
सबबहोकुछभीतिरेइंफ़िआलकालेकिन
मिरीशिकस्तसेपहलेकभीहुआतोनहीं
रेग-ए-गर्मकाँटेराहज़नग़नीम
येरास्ताकहींग़ैरोंकारास्तातोनहीं
दयार-ए-सज्दामेंतक़लीदकारिवाजभीहै
जहाँझुकीहैजबींउनकानक़्श-ए-पातोनहीं
ख़याल-ए-साहिलफ़िक्र-ए-तबाह-कारी-ए-मौज
येसबहैफिरभीतमन्ना-ए-नाख़ुदातोनहीं
  - Ali Jawwad Zaidi
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