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Atul K Rai
namak hal
namak hal | नमक हल्दी ज़ियादा दाल में छोड़ा गया था
- Atul K Rai
नमक
हल्दी
ज़ियादा
दाल
में
छोड़ा
गया
था
बतायें
क्या
हमें
किस
हाल
में
छोड़ा
गया
था
अधूरी
एक
उस
तस्वीर
पर
सब
मर
मिटे
थे
बनाकर
यार
डिम्पल
गाल
में
छोड़ा
गया
था
- Atul K Rai
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अब
वो
तितली
है
न
वो
उम्र
तआ'क़ुब
वाली
मैं
न
कहता
था
बहुत
दूर
न
जाना
मिरे
दोस्त
Faisal Ajmi
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टूटते
रिश्तों
से
बढ़कर
रंज
था
इस
बात
का
दरमियाँ
कुछ
दोस्त
थे,
और
दोस्त
भी
ऐसे,
के
बस
Renu Nayyar
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उसको
जो
कुछ
भी
कहूँ
अच्छा
बुरा
कुछ
न
करे
यार
मेरा
है
मगर
काम
मेरा
कुछ
न
करे
दूसरी
बार
भी
पड़
जाए
अगर
कुछ
करना
आदमी
पहली
मोहब्बत
के
सिवा
कुछ
न
करे
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Abid Malik
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तन्हाई
ये
तंज
करे
है
तन्हा
क्यूँ
है
यार
कहाँ
है
आगे
पीछे
चलने
वाले
Vishal Singh Tabish
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ये
मख़मली
गद्दे
तो
तुझको
ही
मुबारक
हों
ऐ
दोस्त
मुझे
बस
माँ
की
गोद
ही
काफ़ी
है
Harsh saxena
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ग़मनाक
मैं,
बे-साज़
मैं,
बर्बाद
मैं
ऐ
दोस्त
तू
ख़ुश
है
अगर
तब
ठीक
है
Moin Ahmed "Aazad"
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बस
एक
ही
दोस्त
है
दुनिया
में
अपना
मगर
उस
से
भी
झगड़ा
चल
रहा
है
Zubair Ali Tabish
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अपने
में'यार
से
नीचे
तो
मैं
आने
से
रहा
शे'र
भूखा
हूँ
मगर
घास
तो
खाने
से
रहा
Mehshar Afridi
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लंबा
हिज्र
गुज़ारा
तब
ये
मिलने
के
पल
चार
मिले
जैसे
एक
बड़े
हफ़्ते
में
छोटा
सा
इतवार
मिले
माना
थोड़ा
मुश्किल
है
पर
रोज़
दु'आ
में
माँगा
है
जो
मुझ
सेे
भी
ज़्यादा
चाहे
तुझको
ऐसा
यार
मिले
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Bhaskar Shukla
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दोस्ती
और
किसी
ग़रज़
के
लिए
वो
तिजारत
है
दोस्ती
ही
नहीं
Ismail Merathi
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अपने
हिस्से
में
वही
तस्वीर
है
जिस
में
सब
कुछ
है
ख़ुशी
को
छोड़
कर
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Atul K Rai
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मोहब्बत
यार
कैसी
कश्मकश
में
फँस
गई
जिस
में
छुपाना
भी
ज़रूरी
है
जताना
भी
ज़रूरी
है
अँधेरे
में
चलेंगे
तो
गिरेंगे
लोग
लड़-भिड़
कर
कहाँ
क्या
चीज़
है
घर
में
बताना
भी
ज़रूरी
है
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Atul K Rai
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शक
की
सुइयाँ
कल
घर
से
निकली
थीं
जो
सब
रिश्तों
में
आग
बजा
कर
लौटी
हैं
Atul K Rai
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डूब
जाने
का
ये
मतलब
तो
नहीं
तैरने
वाला
बुरा
तैराक
था!
Atul K Rai
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किसकी
फिर
तस्वीर
टँगेगी
रब
जाने
मेरी
जब
तस्वीर
हटाई
जाएगी
Atul K Rai
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