aankh kuchh be-sabab hi nam to nahin | आँख कुछ बे-सबब ही नम तो नहीं

  - Ali Jawwad Zaidi
आँखकुछबे-सबबहीनमतोनहीं
येकहींआपकाकरमतोनहीं
हमनेमानाकिरौशनीकमहै
फिरभीयेसुब्हशाम-ए-ग़मतोनहीं
इश्क़मेंबंदिशेंहज़ारसही
बंदिश-ए-दाना-ओ-दिरमतोनहीं
थाकहाँइश्क़कोसलीक़ा-ए-ग़म
वोनज़रमाइल-ए-करमतोनहीं
मोनिस-ए-शबरफ़ीक़-ए-तन्हाई
दर्द-ए-दिलभीकिसीसेकमतोनहीं
वोकहाँऔरकहाँसितमगारी
कुछभीकहतेहोंलोगहमतोनहीं
शिकवेकीबातऔरहैवर्ना
लुत्फ़-ए-पैहमकोईसितमतोनहीं
देखक़िस्सा-गो-ए-रंज-ए-फ़िराक़
नोक-ए-मिज़्गान-ए-यारनमतोनहीं
उनकेदिलसेसवालकरताहै
येतबस्सुमशरीक-ए-ग़मतोनहीं
  - Ali Jawwad Zaidi
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