naya may-kade men nizaam aa gaya | नया मय-कदे में निज़ाम आ गया

  - Ali Jawwad Zaidi
नयामय-कदेमेंनिज़ामगया
उठींबंदिशेंइज़्न-ए-आमगया
नज़रमेंवोकैफ़-ए-दवामगया
किगोयाकिसीकापयामगया
मोहब्बतमेंवोभीमक़ामगया
किमिज़्गाँपेख़ूँलबपेनामगया
सर-ए-राहकाँटेबिछाताहैशौक़
जुनूँकोभीकुछएहतिमामगया
इल्ज़ामउनपरअग़्यारपर
येदिलआपहीज़ेर-ए-दामगया
बदलहीगयाबज़्म-ए-इशरतकारंग
मिरानग़्मा-ए-दर्दकामगया
किधरसेयेसनकीमहकतीहवा
किधरसेवोनाज़ुक-ख़िरामगया
तमाशानहींथामिराइज़्तिराब
कोईक्यूँँयेबाला-ए-बामगया
बयाँहोरहाथाफ़सानामिरा
मगरबार-बारउनकानामगया
कभीसामनेकुछख़मोशीरही
कभीदूरसेकुछपयामगया
जोदार-ओ-रसनसेभीरुकतानहीं
सरोंमेंवोसौदा-ए-ख़ामगया
वो'ज़ैदी'वहीरिंद-ए-आतिश-नवा
वोज़िंदादिलोंकाइमामगया
  - Ali Jawwad Zaidi
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