ghantiyaan bajne se pahle shaam hone ke qareeb | घंटियाँ बजने से पहले शाम होने के क़रीब

  - Ali Akbar Natiq
घंटियाँबजनेसेपहलेशामहोनेकेक़रीब
छोड़जातामैंतिरागाँवमगरमेरेनसीब
धूपफैलीतोकहादीवारनेझुककरमुझे
मिलगलेमेरेमुसाफ़िर,मेरेसाएकेहबीब
लौटआएहैंशफ़क़सेलोगबे-नील-ए-मुराम
रंगपलकोंसेउठालाएमगरतेरेनजीब
मैंवोपरदेसीनहींजिसकाहोपुरसाँकोई
सब्ज़बाग़ोंकेपरिंदेमेरेवतनोंकेनक़ीब
  - Ali Akbar Natiq
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