ro chale chashm se giryaa ki riyaazat kar ke | रो चले चश्म से गिर्या की रियाज़त कर के

  - Ali Akbar Natiq
रोचलेचश्मसेगिर्याकीरियाज़तकरके
आँखेंबे-नूरहैंयूसुफ़कीज़ियारतकरके
दिलकाअहवालतोयेहैकियेचुप-चापफ़क़ीर
लगकेदीवारसेबैठातुझेरुख़्सतकरके
इतनाआसाँनहींपानीसेशबीहेंधोना
ख़ुदभीरोएगामुसव्विरयेक़यामतकरके
सरफ़राज़ीउसेबख़्शीहैजहाँनेमुतलक़
दारतकपहुँचाअगरकोईभीहिम्मतकरके
  - Ali Akbar Natiq
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