hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Harsh saxena
is bewafaai par mujhe hairat nahin
is bewafaai par mujhe hairat nahin | इस बेवफ़ाई पर मुझे हैरत नहीं
- Harsh saxena
इस
बेवफ़ाई
पर
मुझे
हैरत
नहीं
तुझको
पा
लूँ
ऐसी
मिरी
क़िस्मत
नहीं
- Harsh saxena
Download Sher Image
भले
ही
सैकड़ों
मजबूरियाँ
हों
बेवफ़ाई
की
मगर
तुम
वज्ह
मत
बनना
किसी
सूनी
कलाई
की
Harsh saxena
Send
Download Image
55 Likes
जैसे
तुमने
वक़्त
को
हाथ
में
रोका
हो
सच
तो
ये
है
तुम
आँखों
का
धोख़ा
हो
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
142 Likes
ख़्वाबों
को
आँखों
से
मिन्हा
करती
है
नींद
हमेशा
मुझ
सेे
धोखा
करती
है
उस
लड़की
से
बस
अब
इतना
रिश्ता
है
मिल
जाए
तो
बात
वग़ैरा
करती
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
111 Likes
इक
अजब
हाल
है
कि
अब
उस
को
याद
करना
भी
बे-वफ़ाई
है
Jaun Elia
Send
Download Image
62 Likes
तुम्हें
हरगिज़
ग़लत
समझे
न
कोई
रुको
मैं
बे-वफ़ाई
कर
रहा
हूँ
Shadab Javed
Send
Download Image
41 Likes
तुम्हारी
ख़ानदानी
रस्म
रस्म-ए-बेवफ़ाई
है
हमीं
पागल
थे
जो
तुम
पर
भरोसा
कर
लिया
हमने
Shajar Abbas
Send
Download Image
4 Likes
चला
था
ज़िक्र
ज़माने
की
बे-वफ़ाई
का
सो
आ
गया
है
तुम्हारा
ख़याल
वैसे
ही
Ahmad Faraz
Send
Download Image
29 Likes
इश्क़
में
धोखा
खाने
वाले
बिल्कुल
भी
मायूस
न
हो
इस
रस्ते
में
थोड़ा
आगे
मयख़ाना
भी
आता
है
Darpan
Send
Download Image
16 Likes
हमने
जिस
मासूम
परी
को
अपने
दिल
की
जाँ
बोला
था
उसने
हमको
धोखा
देकर
और
किसी
को
हाँ
बोला
था
सारे
वादे
भूल
गई
तुम
कोई
बात
नहीं
जानेमन
लेकिन
ये
कैसे
भूली
तुम
मेरी
माँ
को
माँ
बोला
था
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
42 Likes
धोखा
है
इक
फ़रेब
है
मंज़िल
का
हर
ख़याल
सच
पूछिए
तो
सारा
सफ़र
वापसी
का
है
Rajesh Reddy
Send
Download Image
73 Likes
Read More
दर-ब-दर
ढूँढ़
रहे
हैं
जिसे
अरसे
से
हम
शख़्स
वो
मेरी
ही
आँखों
में
छिपा
बैठा
है
Harsh saxena
Send
Download Image
2 Likes
फ़रेब
दे
गया
इस
सादगी
से
वो
मुझको
कि
जुर्म
सारा
ही
मजबूरियों
के
सर
आया
Harsh saxena
Send
Download Image
46 Likes
दो
मुल्कों
के
सियासी
खेल
में
जाने
यहाँ
पर
कितनों
के
घर
उजड़े
हैं
मौला
वही
हर
सुब्ह
मंज़र
देखना
पड़ता
हज़ारों
लोग
यूँँ
ही
मरते
हैं
मौला
Read Full
Harsh saxena
Send
Download Image
7 Likes
हमें
इस
मिट्टी
से
कुछ
यूँँ
मुहब्बत
है
यहीं
पे
निकले
दम
दिल
की
ये
हसरत
है
हमें
क्यूँ
चाह
उस
दुनिया
की
हो
मौला
हमारी
तो
इसी
मिट्टी
में
जन्नत
है
Read Full
Harsh saxena
Send
Download Image
4 Likes
मैं
दिल
को
सख़्त
करके
उस
गली
जा
तो
रहा
हूँ
दोस्त
करूँँगा
क्या
अगर
वो
ही
शरारत
पर
उतर
आया
Harsh saxena
Send
Download Image
9 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Bekhudi Shayari
Hunar Shayari
Sorry Shayari
Political Shayari
Tasawwur Shayari