hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shadab Javed
tumhein hargiz galat samjhe na koi
tumhein hargiz galat samjhe na koi | तुम्हें हरगिज़ ग़लत समझे न कोई
- Shadab Javed
तुम्हें
हरगिज़
ग़लत
समझे
न
कोई
रुको
मैं
बे-वफ़ाई
कर
रहा
हूँ
- Shadab Javed
Download Sher Image
दिल
भी
तोड़ा
तो
सलीक़े
से
न
तोड़ा
तुम
ने
बे-वफ़ाई
के
भी
आदाब
हुआ
करते
हैं
Mehtab Alam
Send
Download Image
32 Likes
धोखा
है
इक
फ़रेब
है
मंज़िल
का
हर
ख़याल
सच
पूछिए
तो
सारा
सफ़र
वापसी
का
है
Rajesh Reddy
Send
Download Image
73 Likes
बेवफ़ाई
ने
तिरी
मुझको
दिया
है
ये
हुनर
बस
यार
दुनिया
में
कहाँ
हर
भाग्य
में
ये
फ़न
लिखा
है
Harsh saxena
Send
Download Image
4 Likes
इक
अजब
हाल
है
कि
अब
उस
को
याद
करना
भी
बे-वफ़ाई
है
Jaun Elia
Send
Download Image
62 Likes
चमचमाती
कार
में
उसकी
बिदाई
हो
गई
पर
यक़ीन
आता
नहीं
है
बेवफ़ाई
हो
गई
आख़री
चोटी
से
गिरकर
हम
मरे
हैं
इश्क़
की
हम
समझते
थे
हिमालय
की
चढ़ाई
हो
गई
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
53 Likes
मिन्नतें
करता
था
रुक
जाओ
मेरा
कोई
नहीं
मेरे
रोके
से
मगर
कौन
रुका
कोई
नहीं
बेवफ़ाई
को
बड़ा
जुर्म
बताने
वाले
याद
है
तूने
भी
चल
छोड़
हटा
कोई
नहीं
Read Full
Khan Janbaz
Send
Download Image
44 Likes
ख़्वाबों
को
आँखों
से
मिन्हा
करती
है
नींद
हमेशा
मुझ
सेे
धोखा
करती
है
उस
लड़की
से
बस
अब
इतना
रिश्ता
है
मिल
जाए
तो
बात
वग़ैरा
करती
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
111 Likes
ये
सारा
जिस्म
झुक
कर
बोझ
से
दोहरा
हुआ
होगा
मैं
सजदे
में
नहीं
था
आप
को
धोखा
हुआ
होगा
Dushyant Kumar
Send
Download Image
33 Likes
तुम्हारी
ख़ानदानी
रस्म
रस्म-ए-बेवफ़ाई
है
हमीं
पागल
थे
जो
तुम
पर
भरोसा
कर
लिया
हमने
Shajar Abbas
Send
Download Image
4 Likes
हम
भी
तुमको
धोखा
दें
ये
ठीक
नहीं
आँख
के
बदले
आँख
कहाँ
तक
जायज़
है
Gaurav Singh
Send
Download Image
7 Likes
Read More
अपनी
जागीर
माँग
बैठे
हैं
ख़्वाब
ता'बीर
माँग
बैठे
हैं
जिसका
मिलना
नहीं
मुक़द्दर
में
हम
वो
तक़दीर
माँग
बैठे
हैं
आधी
सिगरेट
भी
हम
नहीं
देते
आप
कश्मीर
माँग
बैठे
हैं
मेरे
अश'आर
पढ़ने
वाले
लोग
तेरी
तस्वीर
माँग
बैठे
हैं
आप
ने
साथ
ही
नहीं
माँगा
आप
ज़ंजीर
माँग
बैठे
हैं
मुझको
शादाब
आजकल
सब
ग़म
सूरत-ए-पीर
माँग
बैठे
हैं
Read Full
Shadab Javed
Download Image
6 Likes
हमने
अब
तक
जो
पल
नहीं
पाए
वो
तेरे
ग़म
में
जल
नहीं
पाए
ये
समुंदर
नदी-वदी
क्या
हैं
अश्क
हैं
जो
निकल
नहीं
पाए
तुझ
सेे
ये
भी
सवाल
होगा
हम
तेरे
होते
सँभल
नहीं
पाए
कैसे
कैसे
उठे
दु'आ
को
हाथ
हादसे
फिर
भी
टल
नहीं
पाए
हाए
अफ़सोस
उस
गली
में
लोग
अपनी
पलकों
से
चल
नहीं
पाए
इतनी
तेज़ी
से
रेल
धुँधलाई
हाथ
क्या
आँख
मल
नहीं
पाए
बादलों
मेलजोल
ख़त्म
करो
आज
तारे
निकल
नहीं
पाए
नाम
शादाब
रख
लिया
तो
क्या
ग़म
के
सूरज
तो
ढल
नहीं
पाए
Read Full
Shadab Javed
Download Image
2 Likes
तो
क्या
ऐसे
ही
रोना
आ
गया
था
नहीं
वो
याद
लहजा
आ
गया
था
Shadab Javed
Send
Download Image
50 Likes
तू
परिंदा
है
किसी
शाख़
को
घर
कर
लेगा
जो
तेरे
हिज्र
का
मारा
है
किधर
जाएगा
Shadab Javed
Send
Download Image
34 Likes
मेरे
अश'आर
पढ़ने
वाले
लोग
तेरी
तस्वीर
माँग
बैठे
हैं
Shadab Javed
Send
Download Image
38 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Aasman Shayari
Sorry Shayari
Taareef Shayari
Bewafa Shayari
Aashiq Shayari