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Tehzeeb Hafi
jaise tumne waqt ko haath men roka ho
jaise tumne waqt ko haath men roka ho | जैसे तुमने वक़्त को हाथ में रोका हो
- Tehzeeb Hafi
जैसे
तुमने
वक़्त
को
हाथ
में
रोका
हो
सच
तो
ये
है
तुम
आँखों
का
धोख़ा
हो
- Tehzeeb Hafi
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उस
वक़्त
भी
अक्सर
तुझे
हम
ढूँढने
निकले
जिस
धूप
में
मज़दूर
भी
छत
पर
नहीं
जाते
Munawwar Rana
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कुछ
कहने
का
वक़्त
नहीं
ये
कुछ
न
कहो
ख़ामोश
रहो
ऐ
लोगों
ख़ामोश
रहो
हाँ
ऐ
लोगों
ख़ामोश
रहो
Ibn E Insha
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तुम्हारे
साथ
इतना
ख़ूब-सूरत
वक़्त
गुज़रा
है
तुम्हारे
बाद
हाथों
में
घड़ी
अच्छी
नहीं
लगती
Madhyam Saxena
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माँ
से
तेरे
बारे
में
और
तुझ
सेे
माँ
के
बारे
में
बातें
करके
कितना
अच्छा
वक़्त
गुज़ारा
है
मैंने
Tanoj Dadhich
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वक़्त
के
पास
हैं
कुछ
तस्वीरें
कोई
डूबा
है
कि
उभरा
देखो
Baqi Siddiqui
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उस
वक़्त
का
हिसाब
क्या
दूँ
जो
तेरे
बग़ैर
कट
गया
है
Ahmad Nadeem Qasmi
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हम
तो
सुनते
थे
कि
मिल
जाते
हैं
बिछड़े
हुए
लोग
तू
जो
बिछड़ा
है
तो
क्या
वक़्त
ने
गर्दिश
नहीं
की
Ambreen Haseeb Ambar
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मुझ
में
थोड़ी
सी
जगह
भी
नहीं
नफ़रत
के
लिए
मैं
तो
हर
वक़्त
मोहब्बत
से
भरा
रहता
हूँ
Mirza Athar Zia
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माँ
की
आग़ोश
में
कल
मौत
की
आग़ोश
में
आज
हम
को
दुनिया
में
ये
दो
वक़्त
सुहाने
से
मिले
Kaif Bhopali
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तब
हम
दोनों
वक़्त
चुरा
कर
लाते
थे
अब
मिलते
हैं
जब
भी
फ़ुर्सत
होती
है
Javed Akhtar
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तुमने
कैसे
उसके
जिस्म
की
ख़ुशबू
से
इनकार
किया
उस
पर
पानी
फेंक
के
देखो
कच्ची
मिट्टी
जैसा
है
Tehzeeb Hafi
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मैंने
जो
कुछ
भी
सोचा
हुआ
है,
मैं
वो
वक़्त
आने
पे
कर
जाऊँगा
तुम
मुझे
ज़हर
लगते
हो
और
मैं
किसी
दिन
तुम्हें
पी
के
मर
जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
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ये
आईने
में
जो
मुस्का
रहा
है
मेरे
होंठों
का
दुख
दोहरा
रहा
है
मेरी
मर्ज़ी
मैं
उसपे
जो
लुटाऊ
तुम्हारी
जेब
से
क्या
जा
रहा
है
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Tehzeeb Hafi
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हम
तुम्हारे
ग़म
से
बाहर
आ
गए
हिज्र
से
बचने
के
मंतर
आ
गए
मैं
ने
तुम
को
अंदर
आने
का
कहा
तुम
तो
मेरे
दिल
के
अंदर
आ
गए
एक
ही
औरत
को
दुनिया
मानकर
इतना
घुमा
हूँ
कि
चक्कर
आ
गए
इम्तिहान-ए-इश्क़
मुश्किल
था
मगर
नक़्ल
कर
के
अच्छे
नंबर
आ
गए
तेरे
कुछ
'आशिक़
तो
गंगाराम
हैं
और
जो
बाक़ी
थे
बिस्तर
आ
गए
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Tehzeeb Hafi
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तुझको
बतलाता
मगर
शर्म
बहुत
आती
है
तेरी
तस्वीर
से
जो
काम
लिया
जाता
है
Tehzeeb Hafi
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