pahle andaaz-e-guftugu aa.e | पहले अंदाज़-ए-गुफ़्तुगू आए

  - Akhtar Wajidi
पहलेअंदाज़-ए-गुफ़्तुगूआए
फिरकोईउनकेरू-ब-रूआए
तेरीयादआईइसतरहदोस्त
तेरीज़ुल्फ़ोंकीजैसेबूआए
मुझकोबे-साख़्ताहँसीआई
हादसेजबभीरू-ब-रूआए
जलरहेहैंचराग़पलकोंपर
ऐसेआलममेंकाशतूआए
ढूँडनेतुझकोतेरेकूचेमें
कितनेहीअह्ल-ए-जुस्तुजूआए
पाकी-ए-ज़ेहन-ओ-दिलहीसबकुछहै
वैसेकितनेहीबा-वज़ूआए
बे-ग़रज़तेरेदरपेकौनआया
सबअसीरान-ए-आरज़ूआए
मिलगईहैनिगाहसाक़ीसे
दौरमेंसाग़र-ओ-सुबूआए
डूबकरतेरीयादमें'अख़्तर'
हरबुलंदीकोहमभीछूआए
  - Akhtar Wajidi
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