तुमआएहोतुम्हेंभीआज़माकरदेखलेताहूँ
तुम्हारेसाथभीकुछदूरजाकरदेखलेताहूँ
हवाएँजिनकीअंधीखिड़कियोंपरसरपटकतीहैं
मैंउनकमरोंमेंफिरशमएँजलाकरदेखलेताहूँ
अजबक्याइसक़रीनेसेकोईसूरतनिकलआए
तिरीबातोंकोख़्वाबोंसेमिलाकरदेखलेताहूँ
सहर-ए-दमकिर्चियाँटूटेहुएख़्वाबोंकीमिलतीहैं
तोबिस्तरझाड़करचादरहटाकरदेखलेताहूँ
बहुतदिलकोदुखाताहैकभीजबदर्द-ए-महजूरी
तिरीयादोंकीजानिबमुस्कुराकरदेखलेताहूँ
उड़ाकररंगकुछहोंटोंसेकुछआँखोंसेकुछदिलसे
गएलम्होंकोतस्वीरेंबनाकरदेखलेताहूँ
नहींहोतुमभीवोअबमुझसेयारोक्याछुपाओगे
हवाकीसम्तकोमिट्टीउड़ाकरदेखलेताहूँ
सुनाहैबे-नियाज़ीहीइलाज-ए-ना-उमीदीहै
येनुस्ख़ाभीकोईदिनआज़माकरदेखलेताहूँ
मोहब्बतमरगई'मुश्ताक़'लेकिनतुमनमानोगे
मैंयेअफ़्वाहभीतुमकोसुनाकरदेखलेताहूँ