yaaraan-e-tez-gaam se ranjish kahaan hai ab | यारान-ए-तेज़-गाम से रंजिश कहाँ है अब

  - Akhtar Shahjahanpuri
यारान-ए-तेज़-गामसेरंजिशकहाँहैअब
मंज़िलपेजापहुँचनेकीख़्वाहिशकहाँहैअब
ज़िंदाँमेंदिनभीरातहीजैसागुज़रगया
अहल-ए-जुनूँवोपहलीसीशोरिशकहाँहैअब
जाम-ए-शराबअबतोमिरेसामनेरख
आँखोंमेंनूरहाथमेंजुम्बिशकहाँहैअब
हल्क़ा-ब-गोशकोईअबयारहैयहाँ
वोरोज़-ओ-शबकीदाद-ओ-सताइशकहाँहैअब
जीनेकाहक़जोमाँगातोतेवरबदलगए
वोमेरेमुहसिनोंकीनवाज़िशकहाँहैअब
चेहरेपेगर्द-ए-उम्र-ए-रवाँकाज़ुहूरहै
बाँहोंकेबालेबोसोंकीबारिशकहाँहैअब
ख़ंजरहोयाकिदशनाहोयातेग़याक़लम
'अख़्तर'वोआबऔरवोबुर्रिशकहाँहैअब
  - Akhtar Shahjahanpuri
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