jo qatre men samundar dekhte hain | जो क़तरे में समुंदर देखते हैं

  - Akhtar Shahjahanpuri
जोक़तरेमेंसमुंदरदेखतेहैं
तुझेमंज़र-ब-मंज़रदेखतेहैं
क़बा-ए-दर्दजबसेज़ेब-ए-तनहै
ख़ुशीकोअपनेअंदरदेखतेहैं
चलोअम्न-ओ-अमाँहैमय-कदेमें
वहींकुछपलठहरकरदेखतेहैं
कभीतन्हाईनेतन्हाछोड़ा
तमाशाफिरभीघुसकरदेखतेहैं
करम-फ़रमाईहैसूरजकीयेभी
उसेअपनेबराबरदेखतेहैं
हमअपनेपाँवफैलाएँगे'अख़्तर'
कहाँतकहैयेचादरदेखतेहैं
  - Akhtar Shahjahanpuri
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