raah-e-wafa men koi ha | राह-ए-वफ़ा में कोई हमें जानता न था

  - Akhtar Shahjahanpuri
राह-ए-वफ़ामेंकोईहमेंजानताथा
जबतकदियाहमारेलहूकाजलाथा
येमो'जिज़ाहमारेहीतर्ज़-ए-बयाँकाथा
उसनेवोसुनलियाथाजोहमनेकहाथा
जबआशियानेजलगएतबहम-नवाहुए
गुलशनमेंइससेपहलेकोईबोलताथा
तूख़ुदहीक़तराक़तरापिघलताथारोज़-ओ-शब
शामिलतिरेज़वालमेंदस्त-ए-दुआ'था
शिद्दतकीधूपमेंभीपिघलामिरावजूद
मुझपरतुम्हारीज़ुल्फ़ोंकाजबशामियानाथा
जुगनूथाकहकशाँथासिताराथायागुहर
आँसूकिसीकीआँखसेजबतकगिराथा
'अख़्तर'गुनाहकरनेसेफिररोकताथाकौन
मैंकैसेमानलूँकिवहाँपरख़ुदाथा
  - Akhtar Shahjahanpuri
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