shikwa is ka to nahin hai jo karam chhod diya | शिकवा इस का तो नहीं है जो करम छोड़ दिया

  - Akhtar Muslimi
शिकवाइसकातोनहींहैजोकरमछोड़दिया
हैसितमयेकिसितमगरनेसितमछोड़दिया
लेगयाछीनकोईसबसर-ओ-सामान-ए-हयात
हाँमगरएकसुलगताहुआग़मछोड़दिया
लगगईइनकोभीशायदतिरेकूचेकीहवा
मय-कदारिंदनेज़ाहिदनेहरमछोड़दिया
हाएउसरह-रव-ए-बर्बादकीमंज़िलदोस्त
जिसनेघबराकेतिरानक़्श-ए-क़दमछोड़दिया
  - Akhtar Muslimi
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