aañsuon ke toofaan men bijliyaan dabii rakhna | आँसुओं के तूफ़ाँ में बिजलियाँ दबी रखना

  - Akhtar Muslimi
आँसुओंकेतूफ़ाँमेंबिजलियाँदबीरखना
सर्दसर्दआहोंमेंगर्मियाँदबीरखना
कैफ़ियतग़म-ए-दिलकीहोअयाँचेहरेसे
पर्दा-ए-तबस्सुममेंतल्ख़ियाँदबीरखना
कौनसुननेवालाहैबे-हिसोंकीदुनियामें
अपनेग़मकीसीनेमेंदास्ताँदबीरखना
किसक़दरअनोखाहैशेवाअहल-ए-दुनियाका
मीठीमीठीबातोंमेंतल्ख़ियाँदबीरखना
ख़ूबहैतुम्हाराभीयेकमाल-ए-फ़न'अख़्तर'
सादासादाशे'रोंमेंशोख़ियाँदबीरखना
  - Akhtar Muslimi
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